एआईसीएफ चुनाव : निर्वाचन अधिकारी के आदेश से खुश नहीं एक खेमा, जाएगा कोर्ट

चेन्नई, 13 दिसम्बर (आईएएनएस)। अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) के निर्वाचन अधिकारी के. कनन ने सचिव भरत सिंह चौहान कैम्प द्वारा उठाई गई आपत्तियों को खारिज कर दिया है और इसलिए यह कैम्प मद्रास हाई कोर्ट जाएगा। इस खेमे के वकील ने इस बात की जानकारी दी।

अपने आदेश में एआईसीएफ के चुनावों के लिए निर्वाचक मंडल को अंतिम रूप देते हुए कनन ने चौहान कैम्प के सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया और कहा कि फरवरी-2020 में जो सूची फाइनल की गई थी वो ही नए चुनावों में रहेगी

चौहान के वकील संजय चड्ढा ने आईएएनएस से कहा, हम मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर कर रहे हैं। निर्वाचन अधिकारी ने हमारे क्लाइंट की आपत्तियों पर ध्यान भी नहीं दिया।

एआईसीएफ दो भागो में बंटी हुई है। एक कैम्प अध्यक्ष पी.आर. वेंकटरामा राजा का है तो दूसरा चौहान का।

मद्रास हाई कोर्ट के हालिया आदेश के मुताबिक, चौहान एआईसीएफ चैक पर हस्ताक्षर करने के लिए ही हैं।

चड्ढा ने साथ ही कहा कि चुनाव अधिकारी ने मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक नेशनल स्पोर्टस डेवलपमेंट कोड को समझने के लिए केंद्र सरकार की मदद लेने की सलाह को भी नहीं माना।

उनके मुताबिक अंडमान एंड निकोबार शतरंज संघ राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त नहीं है। अगर इस संघ के लोग वोट देते हैं तो एआईसीएफ को केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएप) की मान्यता नहीं मिलेगी।

चड्ढा ने कहा कि इसी तरह हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने भी राज्य शतरंज संघ को बैन कर दिया है। एआईसीएफ ने राजस्थान शतरंज संघ को 23 मार्च 2006 को अयोग्य घोषित कर दिया था और तब से कोर्ट से किसी तरह की मोहलत नहीं मिली है।

चौहान चैम्प ने तेलंगना राज्य संघ के अध्यक्ष ए. नरसिम्हा रेड्डी के वोटिंग अधिकार पर भी आपत्ति जताई थी जिसे कनन ने खारिज कर दिया। चौहान कैम्प ने यह कहते हुए इस पर आपत्ति उठाई थी कि नेशनल स्पोर्टस डेवलपमेंट कोड के मुताबिक एक इंसान दो पद पर नहीं रह सकता।

कनन ने इस पर यह कहते हुए आपत्ति को खारिज किया की यह बात राज्य स्तर पर लागू नहीं होती है और सिर्फ राष्ट्रीय खेल महासंघ में ही यह नियम लागू होता है।

हरियाणा शंतरज संघ के महासचिव नरेश शर्मा ने आईएएनएस से कहा, निर्वाचन अधिकारी का आदेश पूरी तरह से विपक्षी खेमे के पक्ष में है। लेकिन हम लड़ाई लडेंगे और चुनाव जीतेंगे क्योंकि नंबर हमारे पक्ष में हैं। हमारे पास 32 में से 20 राज्य संघों का समर्थन है जिससे हमें 40 वोट मिलते हैं- एक राज्य संघ से दो वोट।

उन्होंने कहा कि चौहान कैम्प के उम्मीद्वार नहीं बदले जाएंगे और वही लोग चुनाव लडेंगे जिन्होंने फरवरी में चुनाव लड़ा था। फरवरी के चुनावों को मद्रास हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया था।

राजा कैम्प हालांकि निर्वाचन अधिकारी के आदेश से खुश है।

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