चीन : शैक्षिक विकास से पठार पर उज्‍जवल भविष्य बनेगा मजबूत आधार

बीजिंग, 27 मार्च (आईएएनएस)। अक्सर कहा जाता है कि शिक्षा सब से रोशनीदार कार्य है। छिंगहाई-तिब्बत पठार सूर्य के सबसे निकट स्थान है। छात्रों के हंसते-मुस्कुरते चेहरे शिक्षकों के लिए सबसे संतुष्टिदायक फल होते हैं।

इधर के सालों में चीन में बुनियादी शिक्षा के इतिहास में स्कूल जाने की समस्या को हल किया गया है। शिक्षा निष्पक्षता ने एक नई छलांग हासिल की है और नागरिकों की मांग अच्छी शिक्षा पाने तक बढ़ चुकी है। देश के मजबूत समर्थन के साथ छिंगहाई- तिब्बत पठार पर तिब्बती किसानों और चरवाहों के परिवारों के बच्चे बेहतर से बेहतर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और धीरे-धीरे अपने सपनों को साकार कर रहे हैं।

मेरा सपना एक शिक्षक बनना है। यह तिब्बती लड़की पाईमाताचोंग की अभिलाषा है। वह छिंगहाई प्रांत के वीशू तिब्बती स्वायत्त प्रिफेक्च र कीचीत्वो काउंटी में स्वोच्या टाउनशिप के प्राइमरी स्कूल में चौथी कक्षा की छात्रा है। उसके मन में शिक्षक दुनिया में सबसे सम्मानित व्यक्ति है। शिक्षकों के निस्वार्थ योगदान से वह और उसके सहपाठी घास-मैदान के बाहर दुनिया की जानकारी हासिल करते हैं।

घास के मैदान में बच्चे बहुत मेहनती और प्रयासरत हैं। स्कूल में वे मेहनत करने वाले अच्छे छात्र हैं। घर लौटकर वे घास के मैदान में बाल चरवाहे हैं और माता-पिता के अच्छे सहायक भी। घास-मैदान से बाहर जाना उनकी जिज्ञासा है और बाहर से घास के मैदान तक वापस लौटना उनका सपना भी है। पाई माता चोंग की तरह बहुत ज्यादा तिब्बती विद्यार्थी उच्चस्तरीय शिक्षा पाने के बाद अपने जन्मस्थान वापस लौटकर शिक्षक बनना चाहते हैं। वे घास के मैदान में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को अपने सपनों को साकार करने में सहायता देना चाहते हैं।

चीत्वो काउंटी के शिक्षा ब्यूरो के प्रधान मईशा ओत्सोमाओ के मुताबिक, इधर के सालों में स्थानीय सरकार शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण जन जीवन वाली विचारधारा को मानती है और शैक्षिक क्षेत्र में निवेश बढ़ाते हुए स्कूलों के मानकीकरण निर्माण को बढ़ावा देती है। इसके साथ ही किसानों और चरवाहों के बच्चों को उनके घरों के आसपास स्कूलों में दाखिला लेने और अच्छी शिक्षा पाने जैसी मांग पूरा करने में प्रयासरत है। परिणामस्वरूप काउंटी में स्कूली उम्र के बच्चों की शत प्रतिशत स्कूल दाखिला दर साकार हुई है।

सभी के पास स्कूल जाने के मौके उपलब्ध होना, हर किसी के पास कौशल की प्राप्ति, और हर परिवार में आशा पूरा होना धीरे-धीरे पठार में बखूबी अंजाम दिया जाने लगा। विश्व की छत पर बच्चे स्कूलों में अपने सपने बुन रहे हैं। वे पठार के सुनहरे भविष्य का भविष्य ही हैं।

(लेखक : थांग युआन क्वेई, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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