संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि ने की भारतीय मेडिकल छात्रों के वायरल डांस वीडियो की तारीफ

संयुक्त राष्ट्र, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। सांस्कृतिक अधिकारों के लिए विशेष दूत करीमा बेन्नौने ने केरल के दो मेडिकल छात्रों के एक वायरल नृत्य वीडियो की प्रशंसा की है। साथ ही कहा है कि इसकी आलोचना सांस्कृतिक मिश्रण के खतरों को दर्शाती है।

सामाजिक और मानवीय मुद्दों से निपटने वाली महासभा की तीसरी समिति की अनौपचारिक बैठक में उन्होंने गुरुवार को कहा कि इस वीडियो ने सभी के सांस्कृतिक अधिकारों को आगे बढ़ाने के लिए एक रचनात्मक तरीके की ओर इशारा किया।

उन्होंने वीडियो पर नकारात्मक प्रतिक्रिया का हवाला देते हुए कहा कि हम ऐसी दुनिया में सांस्कृतिक मिश्रण को हल्के में नहीं ले सकते, जहां पर अक्सर ऐसे हमले होते हैं।

बेन्नौने ने कहा कि संस्कृतियों में नृत्य करने की हिम्मत के लिए, दो युवाओं को समर्थन के साथ-साथ सोशल मीडिया पर तीखे और अभद्र भाषा भी मिली है, जो हिंदू कट्टरवाद से प्रेरित हो सकती हैं, यहां तक कि उन पर डांस जिहाद का आरोप भी लगाया।

वहीं छात्रों की ओर से आलोचना के जवाब में कहा गया कि हम अभी भी एक साथ नृत्य करेंगे।

उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में बिना किसी भेदभाव के सभी के सांस्कृतिक अधिकारों की गारंटी देने का एकमात्र तरीका रचनात्मक और सख्ती से संस्कृति और पहचान की खुली और कई समझ और अधिकारों का सम्मान करने वाले सांस्कृतिक मिश्रण और समन्वयवाद की रक्षा करना है।

त्रिशूर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के छात्र नवीन रजाक और जानकी ओमकुमार मेडिकल स्क्रब में यूरो-कैरिबियन पॉप ग्रुप बोनी एम के रासपुतिन पर डांस करते हुए यूट्यूब पर वायरल हो गए।

वीडियो की अत्यधिक प्रशंसा की गई।

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