पाक सेना से मतभेदों के बीच फैज हमीद को आईएसआई का चीफ बनाए रखना चाहते हैं इमरान खान

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने संघीय कैबिनेट को सूचित किया है कि उन्होंने पड़ोसी अफगानिस्तान में गंभीर स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान सेनाध्यक्ष (सीओएएस) जनरल कमर जावेद बाजवा से कहा था कि वह लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद को कुछ समय के लिए इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के महानिदेशक के रूप में जारी रखना चाहते हैं। डॉन की रिपोर्ट के हवाले से इसकी जानकारी दी गई।

पिछले कुछ दिनों से इस मामले को लेकर असैन्य और सैन्य नेतृत्व के बीच आम सहमति नहीं बनने की खबरें सोशल मीडिया पर आ रही थीं, लेकिन मंगलवार को नियमित मीडिया में इसके सामने आने के बाद सूचना मंत्री फवाद चौधरी को सरकार की बात स्पष्ट करनी पड़ी।

नेशनल असेंबली में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के मुख्य सचेतक अमीर डोगर ने कहा कि प्रधानमंत्री खान और जनरल बाजवा ने इस मामले पर सोमवार देर रात विस्तृत बैठक की।

बैठक की पुष्टि सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने भी कैबिनेट बैठक के बाद अपने प्रेशर के दौरान की थी, जिसमें कहा गया था कि नए आईएसआई डीजी लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अहमद अंजुम की नियुक्ति का मुद्दा हल हो गया है और प्रधानमंत्री को कानून और संविधान के अनुसार देश की प्रमुख जासूसी एजेंसी प्रमुख नियुक्त करने का अधिकार प्राप्त है।

रिपोर्ट में कहा गया, साथ ही बैठक का विवरण साझा करते हुए, राजनीतिक मामलों पर पाक पीएम के सहयोगी अमीर डोगर ने कहा कि प्रधानमंत्री चाहते थे कि लेफ्टिनेंट जनरल हमीद अफगानिस्तान की स्थिति को देखते हुए आईएसआई के डीजी के रूप में बने रहें। यह कहते हुए कि प्रधानमंत्री खान और जनरल बाजवा के बीच सम्मान का रिश्ता था।

डोगर ने कहा कि खान की राय थी कि सरकार सभी संस्थानों को अपने साथ लेना चाहती है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्रीकी हाव-भाव काफी सकारात्मक थी और वह आत्मविश्वास से भरे लग रहे थे।

पीटीआई के मुख्य सचेतक ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कैबिनेट को बताया था कि वह देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।

चौधरी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, प्रधानमंत्री के पास डीजी आईएसआई की नियुक्ति का अधिकार है और उन्होंने इस संबंध में सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ विस्तृत बैठक की।

उन्होंने कहा, संघीय सरकार इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस महानिदेशक की नियुक्ति पर एक कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करेगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि पीएम कार्यालय या सैन्य व्यवस्था से कोई ऐसा कदम नहीं उठाया जाएगा जिससे एक दूसरे की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचे।

मामले को लेकर चल रही अफवाहों का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा, मैं सोशल मीडिया पर देख रहा हूं, कई लोग हैं जिनकी इच्छाएं हैं। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री कार्यालय कभी भी पाकिस्तानी सेना और सेना प्रमुख के सम्मान को कम नहीं करेगा। सीओएएस और सेना कभी भी ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री या नागरिक व्यवस्था के सम्मान को ठेस पहुंचे।

उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री और सैन्य नेतृत्व दोनों निकट समन्वय में थे और सभी कानूनी आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद डीजी आईएसआई की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा, दोनों (पीएम खान और जनरल बाजवा) इस पर सहमत हैं और प्रधानमंत्री के पास इस पर अधिकार है।

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